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Vignesh Puthur Biography- क्रिकेट की नई ‘सनसनी’ विग्नेश पुथुर, ऑटो ड्राइवर का बेटे कैसे बना ख़तरनाक गेंदबाज, धोनी ने तारीफ की तो पूरी दुनिया में छा गया

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The Story of a New Cricket Sensation- आईपीएल में कैरियर का पहला मैच और हर तरफ तहलका मच जाए। ऐसा कभी कभार ही होता है। इस बार के आईपीएल 2025 में कुछ ऐसा ही हुआ है। 24 साल के बाएं हाथ के स्पिनर विग्नेश पुथुर (Vignesh Puthur) को मुंबई इंडियंस (Mumbai Indians) ने अतिरिक्त खिलाड़ी ((Impact Player) के तौर पर रखा था। चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ पहले मैच में रोहित शर्मा मैदान पर नही उतर पाए तो उनकी जगह विग्नेश पुथुर (Vignesh Puthur) पर दांव खेला गया। ये केरल (Kerala) के मलप्पुरम (Malappuram) जिले में एक छोटे आटो चालक के बेटे विग्नेश ने धमाल मचा दिया है। पहले ही मैच में बाएं हाथ के स्पिनर की चाइनामैन गुगली के आगे धुरंधर क्रिकेटर भी बेबस नज़र आए। विग्नेश ने अपने 4 ओवर में 32 रन देकर CSK के 3 बड़े विकेट चटकाए – रुतुराज गायकवाड़ (Ruturaj Gaikwad), शिवम दुबे (Shivam Dube) और दीपक हुड्डा (Deepak Hooda)। भले ही मुंबई इंडियंस वो मैच हार गई, लेकिन विग्नेश की गेंदबाजी ने सबका दिल जीत लिया। अंतिम ओवर्स में मैदान पर उतरे महेन्द्र सिंह धोनी ने भी विग्नेश के कंधे पर हाथ रखकर तारीख की। वैसे आमतौर पर माही ऐसा कम ही करते हैं। केवल 30 लाख के बसे प्राइज पर टीम में आए विग्नेश को मुंबई इंडियंस (Mumbai Indians) की नई खोज माना जा रहा है। तो क्रिकेट जोन हिन्दी में आज विग्नेश पुथर की पूरी कहानी।

कौन हैं विग्नेश पुथुर?(Vignesh Puthur)

vignesh puthur

सबसे पहले तो ये जान लो कि विग्नेश पुथुर कोई बड़े शहर का लड़का नहीं है। ये केरल (Kerala) के मलप्पुरम (Malappuram) जिले से आता है, जो एक छोटा-सा इलाका है। वहां की गलियों में क्रिकेट खेलते हुए इसने अपने सपने बुनने शुरू किए। 24 साल का ये लड़का बाएं हाथ का कलाई का स्पिनर (Left-Arm Wrist Spinner) है, जिसे चाइनामैन (Chinaman) गेंदबाजी भी कहते हैं। अब ये चाइनामैन क्या होता है, वो आगे बताएंगे।
विग्नेश को 23 मार्च 2025 को चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ अपने पहले आईपीएल मैच (IPL Debut) में मौका मिला। और ये मौका भी ऐसा था कि इसे टीम में इंपैक्ट प्लेयर (Impact Player) यानी अतिरिक्त खिलाड़ी के तौर पर लाया गया, वो भी रोहित शर्मा (Rohit Sharma) जैसे बड़े खिलाड़ी की जगह। अब सोचो, पहला मैच और वो भी इतनी बड़ी जिम्मेदारी! लेकिन विग्नेश ने हिम्मत नहीं हारी। इसने अपने 4 ओवर में 32 रन देकर 3 बड़े विकेट चटकाए – रुतुराज गायकवाड़ (Ruturaj Gaikwad), शिवम दुबे (Shivam Dube) और दीपक हुड्डा (Deepak Hooda)। भले ही मुंबई इंडियंस वो मैच हार गई, लेकिन विग्नेश की गेंदबाजी ने सबका दिल जीत लिया। विग्लेश की फिरकी के आगे कई बार साफ दिखा कि कैसे बल्लेबाजों का अंदाज़ा गड़बड़ा रहा था।

विग्नेश के बचपन की कहानी (Childhood Story)

विग्नेश का बचपन बिल्कुल आम था। इसके पिता सुनील कुमार (Sunil Kumar) ऑटो रिक्शा चलाते हैं। सुबह से शाम तक ऑटो चलाकर वो अपने परिवार का पेट पालते हैं। मां के.पी. बिन्दु (K.P. Bindu) घर संभालती हैं और हाउसवाइफ हैं। घर में पैसे की तंगी थी, लेकिन सपनों की कोई कमी नहीं थी। विग्नेश को क्रिकेट का शौक 11 साल की उम्र से ही लग गया था। उस वक्त वो गलियों में दोस्तों के साथ प्लास्टिक की गेंद से खेलता था।
उसके पास न तो बड़े-बड़े कोच थे, न ही कोई खास सुविधाएं। लेकिन उसकी मेहनत और लगन ने उसे आगे बढ़ाया। वो स्कूल के बाद अपने दोस्तों के साथ पास के मैदान में चला जाता और घंटों प्रैक्टिस करता। उस वक्त उसे तेज गेंदबाजी (Fast Bowling) का शौक था। लेकिन एक दिन किसी ने उसे कहा कि उसका एक्शन स्पिन के लिए ज्यादा अच्छा है। फिर क्या, उसने स्पिन गेंदबाजी शुरू की और धीरे-धीरे इसमें माहिर हो गया।

परिवार का साथ (Family Support)

विग्नेश के परिवार ने उसकी हर कदम पर मदद की। भले ही पैसे कम थे, लेकिन मम्मी-पापा ने कभी उसके सपनों को रोकने की कोशिश नहीं की। उसके पिता सुनील जी को पता था कि बेटा कुछ बड़ा करना चाहता है। कई बार वो ऑटो की कमाई से विग्नेश के लिए क्रिकेट किट खरीद लाते। मां बिन्दु भी उसे खाना खिलाकर मैदान भेजती और उसकी हिम्मत बढ़ाती। एक बार विग्नेश ने बताया था कि जब वो छोटा था, तो उसके पिता ने उसे कहा था, “बेटा, मेहनत करो। गरीबी कोई बहाना नहीं होती।” ये बात विग्नेश के दिल में बैठ गई। उसने ठान लिया कि वो अपने परिवार का नाम रोशन करेगा। और आज वो उस रास्ते पर चल पड़ा है।

क्रिकेट की शुरुआत (Beginning of Cricket Journey)

विग्नेश की क्रिकेट जर्नी तब शुरू हुई, जब वो 11 साल का था। उसने अपने मोहल्ले के जॉली रोवर्स क्रिकेट क्लब (Jolly Rovers Cricket Club) में खेलना शुरू किया। वहां उसने अपनी गेंदबाजी को निखारा। पहले वो तेज गेंदबाज बनना चाहता था, लेकिन स्थानीय क्रिकेटर मोहम्मद शेरिफ (Mohammad Sherif) ने उसे सलाह दी कि वो स्पिन ट्राई करे।
उस वक्त विग्नेश को चाइनामैन गेंदबाजी का मतलब भी नहीं पता था। लेकिन उसने मेहनत की और धीरे-धीरे इस कला में माहिर हो गया। वो मलप्पुरम से त्रिशूर (Thrissur) चला गया, जहां उसने सेंट थॉमस कॉलेज (St. Thomas College) की टीम के लिए खेला। वहां उसने केरल कॉलेज प्रीमियर टी20 लीग (Kerala College Premier T20 League) में धमाल मचाया। उसकी गेंदबाजी को देखकर लोग हैरान रह गए।

आईपीएल में कैसे मिला मौका? (How Did He Get a Chance in IPL?)

अब सवाल ये है कि विग्नेश को आईपीएल (IPL) में मौका कैसे मिला? ये कहानी भी बड़ी दिलचस्प है। विग्नेश ने अब तक केरल की सीनियर टीम के लिए एक भी घरेलू मैच (Domestic Match) नहीं खेला है। फिर भी उसे मुंबई इंडियंस ने अपनी टीम में शामिल कर लिया। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि उसने केरल क्रिकेट लीग (Kerala Cricket League – KCL) के पहले सीजन में शानदार प्रदर्शन किया था।
वो एलेप्पी रिपल्स (Alleppey Ripples) टीम का हिस्सा था। उस टूर्नामेंट में उसने अपनी चाइनामैन गेंदबाजी से सबको चौंका दिया। मुंबई इंडियंस के स्काउट्स (Scouts) की नजर उस पर पड़ी। उन्होंने उसे ट्रायल के लिए बुलाया। विग्नेश ने ट्रायल में भी कमाल दिखाया। फिर क्या, नवंबर 2024 में आईपीएल मेगा ऑक्शन (IPL Mega Auction) में मुंबई इंडियंस ने उसे 30 लाख रुपये के बेस प्राइस पर खरीद लिया।
इसके बाद मुंबई ने उसे और तैयार करने के लिए साउथ अफ्रीका (South Africa) भेजा। वहां उसने SA20 लीग (SA20 League) में नेट गेंदबाज (Net Bowler) के तौर पर काम किया। उस दौरान उसे राशिद खान (Rashid Khan) जैसे बड़े स्पिनर से सीखने का मौका मिला। ये अनुभव उसके लिए सोने पर सुहागा साबित हुआ।

पहले मैच में कैसे किया कमाल? (How Did He Shine in His Debut Match?)

अब बात करते हैं उस पल की, जब विग्नेश ने अपने पहले आईपीएल मैच में धमाल मचाया। 23 मार्च 2025 को चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ मुकाबले में मुंबई इंडियंस ने उसे इंपैक्ट प्लेयर के तौर पर उतारा। रोहित शर्मा की जगह उसे मैदान पर भेजा गया। मुंबई ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 155 रन बनाए थे। अब चेन्नई को रोकना था।
मुंबई के स्टैंड-इन कप्तान सूर्यकुमार यादव (Suryakumar Yadav) ने उसे 8वें ओवर में गेंद थमाई। और फिर शुरू हुआ कमाल! विग्नेश ने अपने पहले ही ओवर में चेन्नई के कप्तान रुतुराज गायकवाड़ को आउट कर दिया। रुतुराज 53 रन बनाकर खेल रहे थे, लेकिन विग्नेश की धीमी फुल गेंद ने उन्हें जाल में फंसा लिया। इसके बाद दूसरे ओवर में शिवम दुबे को गुगली (Googly) पर चकमा देकर लॉन्ग-ऑन पर कैच करवाया। फिर तीसरे ओवर में दीपक हुड्डा को स्लॉग स्वीप मारने की कोशिश में डीप स्क्वायर लेग पर आउट कर दिया।
4 ओवर में 32 रन देकर 3 विकेट – ये था विग्नेश का डेब्यू परफॉर्मेंस। भले ही चेन्नई ने आखिरी ओवर में मैच जीत लिया, लेकिन विग्नेश ने अपनी छाप छोड़ दी।

गेंदबाजी में क्या है खास? (What’s Special About His Bowling?)

अब सवाल ये है कि विग्नेश की गेंदबाजी में ऐसा क्या है जो उसे खास बनाता है? विग्नेश एक चाइनामैन गेंदबाज है। इसके एक्सपर्ट बहुत ही कम हैं, इसलिए बल्लेबाज इसकी प्रैक्टिस नहीं कर पाते। इसमें बाएं हाथ का स्पिनर कलाई से गेंद को ट्विस्ट करता है, जिससे बल्लेबाज को समझ नहीं आता कि गेंद किधर जाएगी।
उसका गेंदबाजी एक्शन थोड़ा अलग है। वो गेंद को हवा में उछालता है और फिर अचानक टर्न करवाता है। उसकी गुगली और फ्लाइटेड डिलीवरी (Flighted Delivery) बल्लेबाजों को परेशान करती है। रुतुराज, शिवम और हुड्डा जैसे बड़े खिलाड़ी भी उसकी गेंदों को पढ़ नहीं पाए। उसकी गति धीमी होती है, लेकिन कंट्रोल गजब का है। यही उसकी ताकत है।

धोनी ने क्यों की सराहना? (Why Did Dhoni Praise Him?)

मैच खत्म होने के बाद जो हुआ, वो विग्नेश के लिए जिंदगी का सबसे यादगार पल था। महेंद्र सिंह धोनी, जिन्हें क्रिकेट का भगवान माना जाता है, खुद चलकर विग्नेश के पास आए। उन्होंने उसके कंधे पर हाथ रखा और उसकी गेंदबाजी की तारीफ की। धोनी ने उससे कुछ सवाल पूछे और उसकी बातें बड़े ध्यान से सुनीं। ये पल सोशल मीडिया पर वायरल (Viral) हो गया।
धोनी ऐसा हर किसी के लिए नहीं करते। वो सिर्फ उन खिलाड़ियों को शाबाशी देते हैं, जो सचमुच कुछ खास करते हैं। कमेंटेटर रवि शास्त्री (Ravi Shastri) ने भी कहा, “ये पल विग्नेश कभी नहीं भूलेगा।” धोनी को उसकी मेहनत और टैलेंट दिखा। शायद उन्हें विग्नेश में वो जुनून नजर आया, जो कभी उनके अंदर भी था।
धोनी पहले भी कई युवा खिलाड़ियों को सपोर्ट करते रहे हैं। मथीशा पथिराना (Matheesha Pathirana) को देख लो, धोनी ने उसे गाइड किया और आज वो सीएसके का स्टार बन गया। ऋषभ पंत (Rishabh Pant) को भी धोनी समय-समय पर टिप्स देते हैं। अब विग्नेश की बारी थी। तो अगर आपकी नजर में भी कोई विग्नेश जैसा टैलेंट है तो उसको ये स्टोरी भेजिए, शायद उसको प्रेरणा मिले।


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