IPL 2025-Delhi Capitals and RCB-आईपील में सबसे कमज़ोर हैं दिल्ली कैपिटल्स और आरसीबी की टीमें, एक्सपटर्स के दावे में कितना दम?
Delhi Capitals and RCB-आईपीएल (IPL) का नाम सुनते ही क्रिकेट प्रेमियों के चेहरे पर एक अलग ही चमक आ जाती है। ये वो टूर्नामेंट है जो हर साल हमें रोमांच, ड्रामा और जबरदस्त क्रिकेट का मज़ा देता है। लेकिन इस बार शुरूआत में ही दो बड़ी टीमें – दिल्ली कैपिटल्स (Delhi Capitals – DC) और रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (Royal Challengers Bangalore – RCB) चर्चा में हैं। वजह है दो दिग्गज क्रिकेटरों की भविष्यवाणियां (Predictions) जिन्होंने इन दोनों टीमों को लेकर ऐसा बयान दिया है कि फैन्स के होश उड़ गए हैं। ऑस्ट्रेलिया के महान विकेटकीपर बल्लेबाज एडम गिलक्रिस्ट (Adam Gilchrist) और इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन (Michael Vaughan) ने क्रमशः आरसीबी और दिल्ली कैपिटल्स को टूर्नामेंट में सबसे आखिरी में रहने वाली टीम करार दिया है। इन दावों में कितना दम है, क्रिकेट जोन इसकी पड़ताल कर रहा है।
दिल्ली कैपिटल्स की कमजोरी? (Delhi Capitals: What’s the Weakness?)

दिल्ली कैपिटल्स की टीम पिछले कुछ सालों में एक मजबूत दावेदार के रूप में उभरी है। 2020 में ये टीम फाइनल (Final) तक पहुंची थी, लेकिन अभी तक खिताब (Title) उनके हाथ नहीं लगा। इस बार माइकल वॉन ने जो कहा, उसने दिल्ली के फैन्स को सोच में डाल दिया। वॉन का मानना है कि दिल्ली की टीम में अच्छे बल्लेबाजों (Batsmen) की कमी है। उनका कहना है कि टीम में केएल राहुल (KL Rahul) के अलावा ऐसा कोई बड़ा नाम नहीं है जो लगातार रन बनाकर टीम को मजबूती दे सके।
बल्लेबाजी में गहराई की कमी (Lack of Batting Depth)
दिल्ली की टीम में इस बार कुछ बड़े बदलाव हुए हैं। ऋषभ पंत (Rishabh Pant) जो पहले टीम के कप्तान थे, अब लखनऊ सुपर जायंट्स (Lucknow Super Giants) के साथ चले गए हैं। पंत की जगह केएल राहुल को टीम में लिया गया है, जो एक शानदार बल्लेबाज हैं। इसी तरह कुछ हद तक अक्षर पटेल (Axar Patel) भी भरोसेमंद हैं। अक्षर ने चैंपियंस ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन किया था। लेकिन अभिषेक पोरेल (Abhishek Porel) जैसे खिलाड़ी अभी वो स्तर नहीं दिखा पाए कि बड़े मैचों में टीम को अकेले दम पर जिता सकें। अगर राहुल और अक्षर जल्दी आउट हो गए तो मिडिल ऑर्डर (Middle Order) में दबाव बढ़ सकता है।
विदेशी खिलाड़ियों पर ज्यादा निर्भरता (Over-reliance on Foreign Players)
दिल्ली ने इस बार नीलामी (Auction) में कुछ अच्छे विदेशी खिलाड़ी लिए हैं जैसे जेक फ्रेजर-मैकगर्क (Jake Fraser-McGurk) और ट्रिस्टन स्टब्स (Tristan Stubbs)। ये दोनों ही विस्फोटक बल्लेबाज (Explosive Batsmen) हैं, लेकिन इनका प्रदर्शन आईपीएल जैसे बड़े मंच पर कितना कारगर होगा, ये देखना बाकी है। अगर ये खिलाड़ी फॉर्म में नहीं रहे तो टीम का पूरा प्लान बिगड़ सकता है। भारतीय पिचों (Indian Pitches) पर जहां स्थिरता (Consistency) और तकनीक (Technique) की जरूरत होती है, वहां विदेशी खिलाड़ियों पर ज्यादा भरोसा करना जोखिम भरा हो सकता है।
गेंदबाजी में अनुभव की कमी (Lack of Experience in Bowling)

दिल्ली की गेंदबाजी (Bowling) भी चिंता का सबब है। कुलदीप यादव (Kuldeep Yadav) और मुकेश कुमार (Mukesh Kumar) जैसे गेंदबाज तो हैं, लेकिन तेज गेंदबाजी (Pace Bowling) में अनुभव की कमी साफ दिखती है। खलील अहमद (Khaleel Ahmed) पिछले कुछ समय से अपनी लय (Rhythm) खोते दिख रहे हैं। स्पिन विभाग (Spin) में अक्षर और कुलदीप अच्छा कर सकते हैं, लेकिन अगर पिच तेज गेंदबाजों के लिए मददगार हुई तो दिल्ली को मुश्किल हो सकती है। नए खिलाड़ियों जैसे रसिख दार सलाम (Rasikh Dar Salam) पर भी टीम ने भरोसा दिखाया है, लेकिन इनका आईपीएल में अनुभव ( IPL Experience) अभी कम है।
वॉन की बात में दम है कि दिल्ली की टीम इस बार कमजोर दिख रही है। अगर बल्लेबाजी और गेंदबाजी में संतुलन (Balance) नहीं बना तो ये टीम सच में नीचे जा सकती है।
आरसीबी का हाल: मजाक या हकीकत? (RCB: Joke or Reality?)
रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर की टीम आईपीएल की उन टीमों में से है जो हर साल चर्चा में रहती है। विराट कोहली (Virat Kohli) जैसे सुपरस्टार के बावजूद ये टीम कभी खिताब नहीं जीत पाई। इस बार एडम गिलक्रिस्ट ने मजाकिया अंदाज में कहा कि आरसीबी आखिरी स्थान पर रहेगी क्योंकि टीम में इंग्लैंड के ज्यादा खिलाड़ी (English Players) हैं। गिलक्रिस्ट का ये बयान माइकल वॉन को चिढ़ाने के लिए था, लेकिन अगर हम टीम को देखें तो कुछ कमजोरियां सच में नजर आती हैं।
गेंदबाजी में कमजोरी(Weakness in Bowling)

आरसीबी की सबसे बड़ी कमजोरी हमेशा से उनकी गेंदबाजी रही है। इस बार भी हाल कुछ ऐसा ही है। भुवनेश्वर कुमार (Bhuvneshwar Kumar) जैसे अनुभवी गेंदबाज टीम में हैं, लेकिन उनकी फॉर्म (Form) पिछले कुछ समय से अच्छी नहीं रही। जोश हेजलवुड (Josh Hazlewood) चोट (Injury) की वजह से शायद पूरे सीजन न खेल पाएं। यश दयाल (Yash Dayal) और नुवान तुषारा (Nuwan Thushara) जैसे गेंदबाज हैं, लेकिन ये टी- 20 फॉर्मेट (T20 Format) में कितने प्रभावी होंगे, ये सवाल बना हुआ है। स्पिन में क्रुणाल पांड्या (Krunal Pandya) और सुयश शर्मा (Suyash Sharma) हैं, लेकिन इनमें वो क्वालिटी (Quality) नहीं दिखती जो बड़े मैचों में विपक्षी बल्लेबाजों को रोक सके। खासकर चिन्नास्वामी स्टेडियम (Chinnaswamy Stadium) जैसी छोटी पिच पर जहां स्पिनरों की जरूरत होती है, वहां आरसीबी को मुश्किल हो सकती है।
कप्तानी में अनुभवहीनता (Inexperience in Captaincy)
इस बार आरसीबी ने रजत पाटीदार (Rajat Patidar) को कप्तान (Captain) बनाया है। पाटीदार ने घरेलू क्रिकेट (Domestic Cricket) में कप्तानी की है, लेकिन आईपीएल जैसे बड़े मंच पर ये उनके लिए नया चैलेंज (Challenge) होगा। फाफ डू प्लेसी (Faf du Plessis) जैसे अनुभवी कप्तान के बाद पाटीदार का ये रोल कितना कारगर होगा, ये देखना होगा। अगर वो दबाव में सही फैसले (Decisions) नहीं ले पाए तो टीम का प्रदर्शन (Performance) प्रभावित हो सकता है।
इंग्लिश खिलाड़ियों का जोखिम (Risk with English Players)
गिलक्रिस्ट का मजाक सही नहीं भी हो, लेकिन उनकी बात में एक सच छुपा है। आरसीबी ने इस बार फिल सॉल्ट (Phil Salt), लियाम लिविंगस्टन (Liam Livingstone) और जैकब बेथेल (Jacob Bethell) जैसे इंग्लिश खिलाड़ियों पर दांव लगाया है। ये तीनों ही विस्फोटक खिलाड़ी हैं, लेकिन इनका आईपीएल में रिकॉर्ड (Record) अभी बहुत मजबूत नहीं है। अगर ये खिलाड़ी फेल हुए तो आरसीबी की बल्लेबाजी जो कोहली पर बहुत निर्भर करती है, वो दबाव में आ सकती है। गिलक्रिस्ट का तंज इंग्लैंड के हालिया खराब प्रदर्शन (Poor Performance) पर था, और अगर ये खिलाड़ी उसी लय में रहे तो आरसीबी को नुकसान हो सकता है।
दोनों टीमों की तुलना (Comparison of Both Teams)

अगर हम दिल्ली और आरसीबी की तुलना करें तो कुछ समानताएं और अंतर दिखते हैं। दोनों ही टीमें बल्लेबाजी में बड़े नामों पर निर्भर हैं – दिल्ली में राहुल और आरसीबी में कोहली। लेकिन दोनों की गेंदबाजी में कमजोरी साफ दिखती है। दिल्ली के पास कुलदीप जैसे स्पिनर हैं, लेकिन तेज गेंदबाजी कमजोर है। वहीं, आरसीबी की स्पिन और तेज गेंदबाजी दोनों ही औसत नजर आती हैं। कप्तानी के मामले में दिल्ली अभी तक अपने कप्तान की घोषणा (Announcement) नहीं कर पाई है, जबकि आरसीबी ने पाटीदार पर भरोसा दिखाया है। दोनों टीमों के पास कुछ अच्छे विदेशी खिलाड़ी हैं, लेकिन उनकी फॉर्म और भारतीय हालात में ढलने की काबिलियत पर सवाल हैं।
आखिरी स्थान पर रहेंगी ये टीमें? (Will They Really Finish Last?)
गिलक्रिस्ट और वॉन की भविष्यवाणियां भले ही चर्चा में हों, लेकिन क्रिकेट में कुछ भी पक्का नहीं होता। आरसीबी के पास कोहली जैसा खिलाड़ी है जो अकेले दम पर मैच जिता सकता है। अगर उनके विदेशी खिलाड़ी और गेंदबाज थोड़ा भी सपोर्ट कर दें तो टीम प्लेऑफ (Playoffs) तक जा सकती है। दिल्ली के लिए भी राहुल और कुलदीप जैसे खिलाड़ी गेम चेंजर (Game Changer) साबित हो सकते हैं। लेकिन अगर इन दोनों टीमों की कमजोरियां हावी हुईं – जैसे गेंदबाजी में नाकामी, बल्लेबाजी में असंतुलन और कप्तानी में गलतियां – तो ये भविष्यवाणियां सच भी हो सकती हैं।
फैन्स का क्या कहना है? (What Do Fans Say?)

दिल्ली और आरसीबी के फैन्स सोशल मीडिया (Social Media) पर अपनी भावनाएं जाहिर कर रहे हैं। कुछ फैन्स गिलक्रिस्ट के मजाक को हल्के में ले रहे हैं तो कुछ वॉन की बात से सहमत दिख रहे हैं। एक फैन ने लिखा, “आरसीबी हर बार उम्मीद जगाती है, लेकिन गेंदबाजी हमें फिर से नीचे ले आएगी।” वहीं, दिल्ली के एक फैन ने कहा, “राहुल अकेले क्या करेंगे? टीम में और बड़े भारतीय नाम चाहिए।” फैन्स की ये चिंताएं दोनों टीमों की कमजोरियों को और उजागर करती हैं।
आईपीएल 2025 की शुरुआत में ही दिल्ली कैपिटल्स व आरसीबी को लेकर बहस छिड़ चुकी है। गिलक्रिस्ट और वॉन ने अपनी भविष्यवाणियों से इन टीमों की कमजोरियों पर रोशनी डाली है। दिल्ली की बल्लेबाजी में गहराई की कमी और आरसीबी की कमजोर गेंदबाजी व अनुभवहीन कप्तानी सच में चिंता का विषय है। लेकिन क्रिकेट अनिश्चितताओं (Uncertainties) का खेल है। अगर ये टीमें अपनी रणनीति (Strategy) में सुधार करें और खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन करें तो नतीजे कुछ और भी हो सकते हैं।
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