Starting of IPL- विवादों के साथ हुई थी IPL की शुरुआत, शुरू में कोई बिजनेस पैसे लगाने को क्यों तैयार नहीं था, अब टीम मालिक कैसे करते हैं ‘अकूत’ कमाई ?
Indian Premier League- इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) आज क्रिकेट की दुनिया का सबसे बड़ा और चमकदार टूर्नामेंट बन चुका है। कहते हैं कि भारत में तीन C, सबसे ज़्यादा लोगों का ध्यान खींचते हैं, Cricket, Cinema और Crime. भारत में क्रिकेट एक खेल नहीं बल्कि एक ऐसा जादुई त्योहार है जो हर साल भारत और दुनिया भर के क्रिकेट फैंस को जोड़ता है। पहले जो क्रिकेट केवल अपने देश से प्यार करने के लिए लोगों को प्रेरित करता था, बाद में वो स्टेट की टीम में बदल गया। ये भी हैरानी की बात है कि दिल्ली ( Delhi) का क्रिकेटर मुंबई ( Mumbai) की टीम में खेल रहा है तो हैदराबाद ( Hyderabad ) का लखनऊ ( Lucknow) की टीम में। आज हम जानते हैं कि क्रिकेट भारत (India ) में जबरदस्त हिट है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा कि इसकी शुरुआत कैसे हुई ( starting of IPL) ? और इन IPL टीमों के मालिक इतना पैसा कैसे कमाते हैं (How IPL Team Owners Earn Money?)? आज क्रिकेट ज़ोन (cricketzonehindi) आपको सारे सवालों के जवाब देगा।
IPL की शुरुआत कैसे हुई? (How IPL Started? )

IPL की कहानी शुरू होती है साल 2007 से, जिस साल भारत ने टी20 वर्ल्ड कप ( T-20 world cup) जीता था। उस जीत ने टी20 क्रिकेट को भारत में सुपर पॉपुलर बना दिया। इसी मौके को भुनाने के लिए BCCI यानी भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड) के उस समय के उपाध्यक्ष ललित मोदी ने एक बड़ा आइडिया पेश किया। उन्होंने सोचा कि क्यों न एक ऐसा लीग बनाया जाए, जिसमें देश-विदेश के खिलाड़ी एक साथ खेलें और इसे क्रिकेट का सबसे बड़ा तमाशा बनाया जाए। लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि शुरुआत में ललित मोदी को क्रिकेट में पैसा लगवाने के लिए अरबपतियों को बहुत मनाना पड़ा था। उस समय इसका बिजनेस मॉडल बहुत से बड़े कारोबारियों को भी समझ में नहीं आ रहा था। इससे ये पता लगता है कि
बड़े कारोबारी भी वहीं निवेश करना चाहते हैं, जिसकी उनको समझ होती है। लेकिन ललित मोदी ने कई कारोबारी आंकड़ों के जरिए उनको समझाया कि आज एक टीम में पैसा लगाने का मतलब है कि भविष्य में अरबों रुपये कूटना।
13 सितंबर 2007 को, जब टी20 वर्ल्ड कप चल रहा था, BCCI ने इंडियन प्रीमियर लीग की घोषणा की। इसे अप्रैल 2008 से शुरू करना तय हुआ। ललित मोदी ने इसके नियम, फॉर्मेट, प्राइज मनी और टीमों की रूपरेखा तैयार की। ये एक फ्रेंचाइजी बेस्ड लीग थी, मतलब इसमें टीमें प्राइवेट मालिकों की होंगी, जो खिलाड़ियों को खरीदेंगी और टीम चलाएंगी।
The First Auction / पहली नीलामी

IPL की शुरुआत के लिए 24 जनवरी 2008 को पहली फ्रेंचाइजी नीलामी हुई। इसमें 8 टीमों को बेचा गया। BCCI ने इन टीमों की बेस प्राइस 400 मिलियन डॉलर रखी थी, लेकिन नीलामी में 723.59 मिलियन डॉलर मिले। यानी उम्मीद से कहीं ज्यादा पैसा आया। बड़े-बड़े बिजनेसमैन और फिल्मी सितारों ने इसमें हिस्सा लिया। जैसे, मुकेश अंबानी ने मुंबई इंडियंस, शाहरुख खान ने कोलकाता नाइट राइडर्स और प्रीति जिंटा ने पंजाब किंग्स (तब किंग्स इलेवन पंजाब) को खरीदा।
पहला सीजन अप्रैल 2008 में शुरू हुआ। चेन्नई सुपर किंग्स, मुंबई इंडियंस, दिल्ली डेयरडेविल्स (अब दिल्ली कैपिटल्स), किंग्स इलेवन पंजाब, डेक्कन चार्जर्स (बाद में सनराइजर्स हैदराबाद), राजस्थान रॉयल्स, कोलकाता नाइट राइडर्स और रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर – ये थीं शुरुआती 8 टीमें। पहले सीजन में राजस्थान रॉयल्स ने खिताब जीता।
IPL’s Growth / IPL का विकास

शुरुआत से ही IPL जबरदस्त हिट रहा। लोग इसे क्रिकेट के साथ-साथ एंटरटेनमेंट के लिए देखने लगे। बॉलीवुड सितारे, चीयरलीडर्स, बड़े-बड़े स्टेडियम और शानदार सेरेमनी ने इसे खास बना दिया। साल 2010 में दो नई टीमें – पुणे वॉरियर्स और कोच्चि टस्कर्स – जुड़ीं, लेकिन ये ज्यादा दिन नहीं चलीं। फिर 2022 में दो और टीमें – लखनऊ सुपर जायंट्स और गुजरात टाइटंस – शामिल हुईं, जिससे अब कुल 10 टीमें हैं।
IPL की वैल्यू भी हर साल बढ़ती गई। 2023 में इसकी ब्रांड वैल्यू 10.7 बिलियन डॉलर थी, जो 2024 में 12 बिलियन डॉलर तक पहुंच गई। ये दुनिया की सबसे महंगी क्रिकेट लीग बन चुकी है। लेकिन सवाल ये है कि इतना पैसा आता कहां से है? चलिए, अब देखते हैं कि IPL टीमों के मालिक कैसे कमाई करते हैं।
IPL टीमों के मालिक कैसे कमाते हैं? (How IPL Team Owners Earn Money? )

IPL टीमों के मालिकों की कमाई का खेल भी उतना ही रोचक है जितना मैदान पर क्रिकेट। इनकी कमाई कई स्रोतों से होती है। इसे समझने के लिए हम इसे छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर देखेंगे।
- Media Rights /मीडिया राइट्स
IPL की सबसे बड़ी कमाई का जरिया है मीडिया राइट्स। BCCI हर कुछ साल में IPL के ब्रॉडकास्टिंग राइट्स बेचता है। जैसे, 2018-2022 के लिए स्टार इंडिया ने 16,347 करोड़ रुपये में राइट्स खरीदे। फिर 2023-2027 के लिए वायाकॉम18 और स्टार स्पोर्ट्स ने 48,390 करोड़ रुपये दिए। ये पैसा BCCI को मिलता है, जिसमें से करीब 45% हिस्सा सभी 10 टीमों में बराबर बांट दिया जाता है।
हर टीम को सालाना 600 करोड़ रुपये तक मिल सकते हैं सिर्फ मीडिया राइट्स से। जो टीमें प्लेऑफ में पहुंचती हैं, उन्हें 5% एक्स्ट्रा बोनस भी मिलता है। यानी अच्छा खेलने वाली टीमों को ज्यादा फायदा।
- Sponsorship Deals /स्पॉन्सरशिप डील्स
टीमों की दूसरी बड़ी कमाई स्पॉन्सरशिप से होती है। हर टीम के अपने स्पॉन्सर्स होते हैं। जैसे, मुंबई इंडियंस का टाइटल स्पॉन्सर स्लाइस है, तो चेन्नई सुपर किंग्स का एतिहाद एयरवेज। इन डील्स से टीमों को 50-100 करोड़ रुपये तक मिलते हैं।
इसके अलावा, IPL का सेंट्रल स्पॉन्सरशिप (जैसे टाटा ग्रुप, जो 2024 में 60 मिलियन डॉलर सालाना दे रहा है) का पैसा भी BCCI के सेंट्रल पूल में जाता है, जिसका हिस्सा टीमों को मिलता है। जर्सी पर लोगो, डिजिटल प्रमोशन और खिलाड़ियों के विज्ञापनों से भी पैसा आता है।
- Ticket Sales /टिकट बिक्री
हर टीम को सीजन में कम से कम 7 होम मैच खेलने होते हैं। इन मैचों की टिकट बिक्री से अच्छी खासी कमाई होती है। टिकट की कीमत 399 रुपये से लेकर 40,000 रुपये तक हो सकती है, खासकर VIP बॉक्स और प्रीमियम सीट्स की।
होम टीम को टिकट बिक्री का 80% हिस्सा मिलता है, बाकी BCCI और स्पॉन्सर्स में बंट जाता है। बड़े स्टेडियम वाली टीमें, जैसे मुंबई इंडियंस (वानखेड़े) या RCB (चिन्नास्वामी), ज्यादा कमाई करती हैं। टिकट से होने वाली कमाई टीम की कुल कमाई का करीब 10% होती है।
- Merchandise Sales /मर्चेंडाइज बिक्री
टीमों की जर्सी, कैप, बैट, घड़ियां और दूसरी चीजों की बिक्री भी मालिकों के लिए पैसा लाती है। भारत में गेम मर्चेंडाइज का मार्केट हर साल 100% की रफ्तार से बढ़ रहा है और ये 30 मिलियन डॉलर का है।
हर फ्रेंचाइजी अपनी ब्रांडिंग को भुनाती है। जैसे, मुंबई इंडियंस ने ‘MI शॉप’ नाम से ऑनलाइन स्टोर शुरू किया। फैंस इन चीजों को खरीदकर अपनी टीम को सपोर्ट करते हैं और मालिकों की जेब भरते हैं। ये कमाई का एक बढ़ता हुआ स्रोत है।
- Prize Money /प्राइज मनी
IPL में प्राइज मनी भी मालिकों और खिलाड़ियों के लिए इनाम की तरह होती है। 2023 में विजेता टीम को 20 करोड़, रनर-अप को 13 करोड़, तीसरे नंबर की टीम को 7 करोड़ और चौथे नंबर की टीम को 6.5 करोड़ रुपये मिले।
जो टीमें ज्यादा जीतती हैं, जैसे मुंबई इंडियंस और चेन्नई सुपर किंग्स (दोनों ने 5-5 बार खिताब जीता), उनकी प्राइज मनी से कमाई भी ज्यादा होती है। ये पैसा सीधे टीम मालिकों और खिलाड़ियों में बंटता है।
- Food and Beverage Sales /खाने-पीने की बिक्री
होम मैचों के दौरान स्टेडियम में खाने-पीने की चीजों की बिक्री से भी कमाई होती है। पॉपकॉर्न, कोल्ड ड्रिंक्स, बर्गर वगैरह की सेल से टीमों को एक्स्ट्रा इनकम मिलती है। ये छोटा स्रोत लगता है, लेकिन बड़े मैचों में ये लाखों में पहुंच जाता है।
- Digital Content and Promotions /डिजिटल कंटेंट और प्रमोशन
आजकल डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की ताकत बढ़ गई है। टीमें सोशल मीडिया, यूट्यूब और अपनी वेबसाइट्स पर कंटेंट डालकर पैसा कमाती हैं। इंटरव्यू, बिहाइंड-द-सीन वीडियो और ब्रांड कॉलेबोरेशन से अच्छी कमाई होती है।
कई टीमें NFT (नॉन-फंजिबल टोकन) और वेब3 स्ट्रैटेजी भी आजमा रही हैं। जैसे, दिल्ली कैपिटल्स ने पिछले कुछ सालों में डिजिटल रेवेन्यू को बढ़ाया है।
- Brand Value and Star Power /ब्रांड वैल्यू और स्टार पावर
बड़े खिलाड़ी जैसे विराट कोहली, एमएस धोनी या रोहित शर्मा टीम की ब्रांड वैल्यू बढ़ाते हैं। इनके होने से स्पॉन्सरशिप डील्स महंगी होती हैं, मर्चेंडाइज ज्यादा बिकता है और फैन बेस बढ़ता है। जैसे, RCB की ब्रांड वैल्यू 2024 में 122 मिलियन डॉलर थी, ज्यादातर विराट की वजह से।
The Revenue Sharing Model / रेवेन्यू शेयरिंग मॉडल

IPL का बिजनेस मॉडल फ्रेंचाइजी और BCCI के बीच रेवेन्यू शेयरिंग पर चलता है। BCCI सेंट्रल पूल (मीडिया राइट्स और सेंट्रल स्पॉन्सरशिप) का 50% अपने पास रखता है। 45% हिस्सा 10 टीमों में बराबर बांटा जाता है और 5% प्लेऑफ वाली टीमों को मिलता है। टीमें अपनी कमाई का 20% BCCI को फ्रेंचाइजी फी के तौर पर देती हैं। बाकी पैसा उनके पास रहता है, जिसमें से खिलाड़ियों की सैलरी और दूसरा खर्च निकलता है। 2023 में औसतन हर टीम ने 307 करोड़ रुपये कमाए थे।
How Team Owners Recovered Costs and Earn Billions?
IPL में टीम खरीदना कोई सस्ता सौदा नहीं है। जैसे, 2008 में मुंबई इंडियंस को मुकेश अंबानी ने 111.9 मिलियन डॉलर में खरीदा था, और 2022 में गुजरात टाइटंस को CVC कैपिटल ने 5625 करोड़ रुपये में लिया। इतना बड़ा निवेश करने के बाद मालिक अपनी लागत कैसे वसूलते हैं और अरबों की कमाई कैसे करते हैं? चलिए, इसे स्टेप-बाय-स्टेप समझते हैं।
Initial Investment Recovery
टीम खरीदने के बाद मालिकों को हर साल खिलाड़ियों की नीलामी, कोचिंग स्टाफ, ट्रैवल और मार्केटिंग में पैसा लगाना पड़ता है। औसतन एक टीम का सालाना खर्च 80-100 करोड़ रुपये होता है। लेकिन पहले ही साल से मीडिया राइट्स और स्पॉन्सरशिप से इतना पैसा आ जाता है कि ये खर्च आसानी से कवर हो जाता है। जैसे, 2023 में हर टीम को सेंट्रल पूल से 60-70 करोड़ रुपये मिले, जो उनके खर्च से ज्यादा था।
Long-Term Profit Strategy
IPL में असली खेल लंबे समय का है। शुरुआती 2-3 साल में मालिकों को शायद कम मुनाफा हो, लेकिन जैसे-जैसे टीम की ब्रांड वैल्यू बढ़ती है, कमाई कई गुना हो जाती है। उदाहरण के लिए, मुंबई इंडियंस की वैल्यू 2008 में 111 मिलियन डॉलर थी, जो 2024 में 240 मिलियन डॉलर हो गई। यानी टीम की कीमत दोगुनी से ज्यादा हो गई। अगर मालिक इसे बेचें, तो अरबों का मुनाफा होगा।
Diversifying Income Sources
टीम मालिक सिर्फ IPL पर निर्भर नहीं रहते। वो अपने ब्रांड को दूसरी जगह भुनाते हैं। जैसे, मुकेश अंबानी ने मुंबई इंडियंस के नाम से एक मोबाइल ऐप लॉन्च किया, जो जियो यूजर्स के लिए है। इसी तरह, कई मालिक विदेशी टी20 लीग में भी टीमें खरीदते हैं। चेन्नई सुपर किंग्स के मालिक CSK स्पोर्ट्स ने जोहान्सबर्ग सुपर किंग्स (SA20 लीग) में निवेश किया। इससे उनकी कमाई का दायरा बढ़ता है।
Player Trading and Auctions
नीलामी में खिलाड़ियों को खरीदना और बेचना भी मुनाफे का खेल है। अगर कोई टीम सस्ते में अच्छा खिलाड़ी खरीद लेती है और वो स्टार बन जाता है, तो उसकी वैल्यू बढ़ती है। बाद में उसे महंगे दाम में ट्रेड किया जा सकता है। जैसे, हार्दिक पंड्या को गुजरात टाइटंस ने 2022 में 15 करोड़ में लिया और 2024 में मुंबई इंडियंस ने उन्हें वापस ले लिया। ऐसे स्मार्ट ट्रेड्स से मालिकों को फायदा होता है।
Cutting Operational Costs
कई मालिक खर्च कम करने के लिए स्मार्ट तरीके अपनाते हैं। जैसे, लोकल खिलाड़ियों को मौका देना, जिनकी सैलरी कम होती है। या फिर ट्रैवल और होटल डील्स पर स्पॉन्सर्स से छूट लेना। इससे लागत कम होती है और मुनाफा बढ़ता है।
Reinvesting Profits
जो पैसा कमाई से बचता है, उसे मालिक दोबारा निवेश करते हैं। जैसे, बेहतर ट्रेनिंग फैसिलिटी, यूथ अकादमी या डिजिटल प्लेटफॉर्म बनाना। इससे टीम की परफॉर्मेंस और ब्रांड वैल्यू बढ़ती है, जो लंबे समय में अरबों की कमाई का रास्ता खोलती है।
Why Film Stars Like Shahrukh Khan and Preity Zinta Invested?
IPL में सिर्फ बिजनेसमैन ही नहीं, बल्कि बॉलीवुड सितारे जैसे शाहरुख खान, प्रीति जिंटा और जूही चावला ने भी पैसा लगाया। लेकिन सवाल ये है कि ये फिल्मी सितारे, जिनका क्रिकेट से कोई सीधा नाता नहीं, इसमें क्यों कूदे? इसके पीछे कई मजेदार और समझदारी भरे कारण हैं।
- Passion for Cricket
शाहरुख खान और प्रीति जिंटा दोनों क्रिकेट के दीवाने हैं। शाहरुख ने कई इंटरव्यू में कहा कि वो बचपन से क्रिकेट देखते आए हैं और कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) खरीदना उनका सपना था। प्रीति भी पंजाब किंग्स (तब किंग्स इलेवन पंजाब) को लेकर कहती हैं कि उन्हें खेल का रोमांच पसंद है। ये जुनून उन्हें IPL में लाया।
- Business Opportunity
फिल्मी सितारों के लिए IPL सिर्फ पैशन नहीं, बल्कि एक बड़ा बिजनेस मौका भी था। 2008 में जब KKR को शाहरुख ने 75 मिलियन डॉलर में खरीदा, तो ये एक रिस्क था। लेकिन आज KKR की वैल्यू 181 मिलियन डॉलर है। यानी शाहरुख का निवेश ढाई गुना बढ़ गया। प्रीति की टीम की वैल्यू भी 80 मिलियन डॉलर से ज्यादा हो चुकी है। ये साबित करता है कि ये सितारे सिर्फ भावनाओं में नहीं बहे, बल्कि बिजनेस की समझ भी रखते हैं।
- Brand Building
शाहरुख और प्रीति जैसे सितारों के लिए IPL उनकी पर्सनल ब्रांडिंग का भी जरिया है। शाहरुख को KKR के हर मैच में स्टेडियम में देखा जाता है, जिससे उनकी पॉपुलैरिटी बढ़ती है। उनकी फिल्मों का प्रमोशन भी KKR के साथ जुड़ जाता है। जैसे, ‘हैप्पी न्यू ईयर’ फिल्म का प्रमोशन उन्होंने KKR के प्लेटफॉर्म से किया था। प्रीति भी अपनी टीम के साथ दिखकर फैंस के बीच बनी रहती हैं।
- Glamour and Entertainment
IPL में बॉलीवुड का तड़का शुरू से रहा है। शाहरुख और प्रीति जैसे सितारे इसे और चमकदार बनाते हैं। शाहरुख का स्टेडियम में डांस करना या प्रीति का खिलाड़ियों को चीयर करना – ये सब IPL को एक फिल्मी टच देता है। इससे दर्शकों की संख्या बढ़ती है, जो टीम की कमाई में मदद करती है। इन सितारों को भी ये ग्लैमरस माहौल पसंद है।
- Social Status and Networking
IPL में हिस्सा लेना एक स्टेटस सिंबल भी है। शाहरुख, प्रीति और जूही जैसे सितारे बड़े बिजनेसमैन, पॉलिटिशियन्स और स्पॉन्सर्स से मिलते हैं। इससे उनका नेटवर्क बढ़ता है, जो फिल्म इंडस्ट्री और बिजनेस में फायदा देता है। मिसाल के तौर पर, शाहरुख की दोस्ती मुकेश अंबानी से IPL के दौरान और गहरी हुई।
- Emotional Connection with Fans
शाहरुख को कोलकाता में ‘बादशाह’ कहा जाता है, और प्रीति पंजाब में लोकल हीरो हैं। अपनी टीमों के जरिए वो फैंस से सीधे जुड़ते हैं। जब KKR जीतती है, तो शाहरुख की तारीफ होती है। ये भावनात्मक लगाव उनके लिए पैसों से बढ़कर है, हालाँकि पैसा भी खूब मिलता है।
- Diversifying Income
फिल्मों में उतार-चढ़ाव रहता है, लेकिन IPL एक ऐसा बिजनेस है जो हर साल मुनाफा देता है। शाहरुख की रेड चिलीज़ एंटरटेनमेंट को KKR से होने वाली कमाई सपोर्ट करती है। प्रीति भी अपने निवेश को डायवर्सिफाई करने के लिए IPL में आईं। ये उनके लिए एक स्मार्ट फाइनेंशियल मूव था।
Shahrukh and Preity’s Success
शाहरुख की KKR ने 2012 और 2014 में IPL खिताब जीता, जिससे उनकी कमाई और ब्रांड वैल्यू बढ़ी। प्रीति की टीम अभी तक खिताब नहीं जीत पाई, लेकिन फिर भी वो हर साल मुनाफे में रहती है। दोनों ने साबित किया कि फिल्मी सितारे भी बिजनेस में दिमाग लगा सकते हैं। हालांकि IPL में पैसा बहुत है, लेकिन चुनौतियां भी हैं। जैसे, कोविड के दौरान टिकट से कमाई बंद हो गई थी। कई स्टार्टअप्स और टेक कंपनियां, जो पहले स्पॉन्सर करती थीं, अब बजट कम कर रही हैं। फिर भी, टीमें नए तरीके ढूंढ रही हैं, जैसे विदेशी लीग में टीमें खरीदना या डिजिटल मार्केटिंग बढ़ाना।
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